
निर्धन परिवारों के लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने एक बहुत ही अच्छी पहल शुरू की है। जीरो पावर्टी अभियान के तहत उन घरों में नौकरी दिलाने जा रही है जिन घरों में कोई नौकरी नहीं करता।इस अभियान के तहत दी जाने वाली नौकरी में मासिक 18400 रुपए की सैलरी होगी।
सरकार का उद्देश्य
प्रदेश की योगी सरकार ‘ जीरो पावर्टी अभियान ‘ के तहत प्रदेश में चिन्हित उन परिवारों को गारंटी देते हुए क्षमता विकास कार्यक्रम से जोड़ने का प्लान बना रही। इसके साथ ही साथ उन्हें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों में नौकरी भी दिलाने जा रही।
रविवार को अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश की योगी सरकार का यह लक्ष्य है कि राज्य में कोई भी परिवार ऐसा न हो जहां दो वक्त की रोटी के लिए मोहताज होना पड़े, जहां बच्चे भूखे पेट सोएं। प्रदेश के मुख्य सचिव ने बताया कि यह पहल न केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगी बल्कि सामाजिक समरसता और समान अवसर की दिशा में भी एक बड़े कदम के रूप में साबित होगी।
कंपनियां जिनमें नौकरी दिलाने का विचार कर रही सरकार
इस योजना में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा तत्पश्चात होटल ताज,स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, एल एंड टी कंपनी,मेदांता और अदानी जैसे कुछ नामी गिरामी कंपनियों में भी काम करने का अवसर मिलेगा। ऐसा पहली बार होने जा रहा की सरकार गरीबों को सीधे प्रशिक्षण दिलाकर उन्हें कंपनियों में सीधे तौर पर नौकरी देने जा रही है।
प्रशिक्षण के प्रकार
सात तरह के प्रशिक्षण दिए जाएंगे
सरकार की तरफ से मुख्य सचिव ने यह बताया कि गरीब परिवार के मुखिया को 360डिग्री फार्मूले के तहत सम्पूर्ण प्रशिक्षण दिया जाएगा जिसमें कई तरह के प्रशिक्षण दिए जाएंगे जैसे कि कार्यालय का रखरखाव,शौचालय की सफाई,हाउसकीपिंग, गेस्ट अटेंडेंट इत्यादि। इन सबके अतिरिक्त उन्हें भाषा सम्बन्धी कौशल भी प्रदान किया जाएगा जिससे वे कॉरपोरेट क्षेत्र में निर्भीकता से काम कर सकें। मुख्य जोर इस बात पर दिया गया कि न्यूनतम 18,400 रुपए की मासिक सैलरी मिले ही, जिससे कि वह सुलभता से अपने परिवार का भरन पोषण कर सके।
सीधे नौकरी से जोड़ने की योजना
सचिव मनोज कुमार ने वार्तालाप के दौरान यह बताया कि योजना के पहले चरण में चिन्हित 300 गरीब परिवारों के मुखिया को क्षमता विकास प्रशिक्षण दिया जाएगा और यह प्रशिक्षण उत्तर प्रदेश कौशल विभाग की तरफ से दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण के बाद इन्हें सीधे रोजगार से जोड़ा जाएगा।
