कांग्रेस के दिग्गज नेता शशि थरूर ने ऑपरेशन सिंदूर पर स्पष्ट रूप से अपना रुख रखा उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा राजनीतिक दल से ऊपर है।
कोच्चि में एक विद्यार्थी के सवालों का जवाब देते हुए थरूर ने कहा कि राष्ट्र सर्वोपरि है। थरूर ने सशस्त्र बलों और सरकार का समर्थन करने पर अपने रुख का बचाव किया।

कोच्चि में शशि थरूर ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर नरेंद्र मोदी की तारीफ करने पर पार्टी नेतृत्व के साथ अपने मतभेदों की अफवाह पर अपना रूख स्पष्ट किया है ।
शनिवार को उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि किसी भी राजनीतिक दल से ऊपर अपने राष्ट्र को प्राथमिकता देनी चाहिए ।
यह विवाद कब शुरू हुआ जब ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कांग्रेस के दिग्गज नेता शशि थरूर ने सेना और सरकार का पक्ष लिया और नरेंद्र मोदी सरकार की तारीफ की।
एक छात्रा ने उनसे सवाल किया कि पार्टी के साथ उनके रिश्ते कैसे हैं इस सवाल का जवाब देते हुए शशि जरूर ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में अन्य दलों के साथ सहयोग करना जरूरी है।
मैं अपनी रुख कायम हूं – शशि थरूर
थरूर ने अपने इस संवाद के दौरान कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पार्टियां देश को बेहतर बनाने का एक साधन है और देश हमेशा पहले आता है। जरूर ने सरकार की प्रशंसा करने पर अपने पार्टी से मिली आलोचना का भी जिक्र किया और उन्होंने कहा कि वह अपने रुख पर कायम है।
थरूर ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के शब्दों को उजागर करते हुए कहा कि, “कौन जीता है अगर भारत मर जाता है?” और सभी दलों के नेताओं से आग्रह किया की जब भी देश पर संकट हो अपने मतभेदों को किनारे कर दें।
थरूर ने इस बातचीत को अपने ट्विटर हैंडल पर पोस्ट किया है।
